Testo Seher - Dev Negi
Testo della canzone Seher (Dev Negi), tratta dall'album Dev Negi - Artist in Spotlight
उस मंज़र का भी क्या कहना
जहाँ शाम यहाँ और सहर वहाँ
उस मंज़र का भी क्या कहना
जहाँ शाम यहाँ और सहर वहाँ
हम भी तो कभी ये ग़ौर करें
होती है हमारी सहर कहाँ
होती है हमारी सहर कहाँ
कुछ दिल की ज़ुबानी लिखना है
कुछ आँखों बीती कहना है
कुछ दिल की ज़ुबानी लिखना है
कुछ आँखों बीती कहना है
पल-भर जो तसल्ली मिल जाए
वो वक़्त कहाँ, वो पहर कहाँ
पल-भर जो तसल्ली मिल जाए
वो वक़्त कहाँ, वो पहर कहाँ
हम भी तो कभी ये ग़ौर करें
होती है हमारी सहर कहाँ
होती है हमारी सहर कहाँ
तेरे नाम के कुछ अल्फ़ाज़ों को
लहरों ने मिटाया यादों को
तेरे नाम के कुछ अल्फ़ाज़ों को
लहरों ने मिटाया यादों को
हम लौट के आए हैं तन्हा
वो वक़्त कहाँ, वो शहर कहाँ
हम लौट के आए हैं तन्हा
वो वक़्त कहाँ, वो शहर कहाँ
हम भी तो कभी ये ग़ौर करें
होती है हमारी सहर कहाँ
होती है हमारी सहर कहाँ (सहर कहाँ)
Credits
Writer(s): Nikhat Khan, Ishu Sharma
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