Testo Kuch Is Tarah - Udit Narayan & Kavita Krishnamurthy
Testo della canzone Kuch Is Tarah (Udit Narayan & Kavita Krishnamurthy), tratta dall'album Bhairavi
कुछ इस तरह दो दिल मिले
कुछ इस तरह दो दिल मिले
जैसे मिले इक राग में तेरे गाए गीत
मेरे गाए गीत, तेरे गाए गीत
कुछ इस तरह दो दिल मिले
कुछ इस तरह दो दिल मिले
जैसे मिले इक राग में तेरे गाए गीत
मेरे गाए गीत, तेरे गाए गीत
साँसों की पगडंडियों से गुज़रते हुए
ख़्वाबों के जंगल में हम खो गए
तारों की वादियों में चलते हुए
अजनबी राहगीर एक हो गए
कुछ इस तरह दो दिल मिले
कुछ इस तरह दो दिल मिले
जैसे खिले एक याद में तेरा अतीत
मेरा अतीत, तेरा अतीत
शबनम के क़तरों से नाज़ुक ये पल
हथेली से अपनी गिरने ना दो
मौसमों से कहो, यूँ बसंत ही रहे
समय ढलने ना दो, इसे बदलने ना दो
कुछ इस तरह दो दिल मिले
कुछ इस तरह दो दिल मिले
जैसे मिले सदियों के मीत, सदियों के मीत
सदियों के मीत, सदियों के मीत
ख़ुशबुओं के बाग़ में झिलमिलाते हुए
जुगनुओं का मेला लगा
चाँदनी की आग में खिलखिलाते हुए
पानी के बुलबुलों का रेला जगा
कुछ इस तरह दो दिल मिले
कुछ इस तरह दो दिल मिले
जैसे फले तेरी-मेरी प्रीत, मेरी-तेरी प्रीत
तेरी-मेरी प्रीत, मेरी-तेरी प्रीत
कुछ इस तरह (कुछ इस तरह)
दो दिल मिले (दो दिल मिले)
कुछ इस तरह (कुछ इस तरह)
दो दिल मिले (दो दिल मिले)
जैसे मिले इक राग में
तेरे गाए गीत (तेरे गाए गीत)
मेरे गाए गीत (मेरे गाए गीत)
तेरे गाए गीत (तेरे गाए गीत)
मेरे गाए गीत (मेरे गाए गीत)
Credits
Writer(s): Sharma Pyarelal, Amit Khanna, Laxmikant Kudalkar
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