Testo Koi Mausam Ho - Hariharan
Testo della canzone Koi Mausam Ho (Hariharan), tratta dall'album Jashn
कोई मौसम हो तेरे रंग में ढल जाऊँगा
कोई मौसम हो तेरे रंग में ढल जाऊँगा
मैं कोई वक़्त नहीं हूँ कि बदल जाऊँगा
कोई मौसम हो तेरे रंग में ढल जाऊँगा
मैं कोई वक़्त नहीं हूँ कि बदल जाऊँगा
कोई मौसम हो तेरे रंग में ढल जाऊँगा
मैंने माना, तू घटा है, मगर इतना ना बरस
मैंने माना, तू घटा है, मगर इतना ना बरस
मैं भी दरिया हूँ, कनारों से उबल जाऊँगा
मैं भी दरिया हूँ, कनारों से उबल जाऊँगा
मैं कोई वक़्त नहीं हूँ कि बदल जाऊँगा
कोई मौसम हो तेरे रंग में ढल जाऊँगा
मैं तेरे हाथ की रेखा हूँ, मुझे ग़ौर से पढ़
मैं तेरे हाथ की रेखा हूँ, मुझे ग़ौर से पढ़
कम हुई तेरी मोहब्बत तो बदल जाऊँगा
कम हुई तेरी मोहब्बत तो बदल जाऊँगा
मैं कोई वक़्त नहीं हूँ कि बदल जाऊँगा
कोई मौसम हो तेरे रंग में ढल जाऊँगा
"रोज़ आया ना करो," उसने कहा है, राशिद
"रोज़ आया ना करो," उसने कहा है, राशिद
आज सड़कों पे भटक लूँ, वहाँ कल जाऊँगा
आज सड़कों पे भटक लूँ, वहाँ कल जाऊँगा
मैं कोई वक़्त नहीं हूँ कि बदल जाऊँगा
कोई मौसम हो तेरे रंग में ढल जाऊँगा
मैं कोई वक़्त नहीं हूँ कि बदल जाऊँगा
कोई मौसम हो तेरे रंग में ढल जाऊँगा
Credits
Writer(s): Mumtaz Rashid, Hariharan
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