Testo Hans Tu Hardam - Lata Mangeshkar
Testo della canzone Hans Tu Hardam (Lata Mangeshkar), tratta dall'album Lootmaar
हँस तू हर-दम, ख़ुशियाँ या ग़म
किसी से डरना नहीं, डर-डर के जीना नहीं
हँस तू हर-दम, ख़ुशियाँ या ग़म
हँस तू हर-दम, ख़ुशियाँ या ग़म
किसी से डरना नहीं, डर-डर के जीना नहीं
किसी से डरना नहीं, डर-डर के जीना नहीं
हँस तू हर-दम, ख़ुशियाँ या ग़म
किसी से डरना नहीं, डर-डर के जीना नहीं
हँस तू हर-दम, ख़ुशियाँ या ग़म
डर से कैसा डरना है?
हँस कर उसे मार भगाएँगे
भगवान ने जिन्हें जलाया है
वो दीप नहीं बुझ पाएँगे
हिम्मत वालों से कभी
टकराया ना करो
हँस तू हर-दम, ख़ुशियाँ या ग़म
किसी से डरना नहीं, डर-डर के जीना नहीं
हँस तू हर-दम, ख़ुशियाँ या ग़म
जिसको ख़ुदा का ख़ौफ़ नहीं
इंसान नहीं, शैतान है वो
जन्नत उसी को मिलती है
इंसाफ़ के लिए क़ुर्बान हो जो
मासूमों को तुम कभी
उकसाया ना करो
हँस तू हर-दम, ख़ुशियाँ या ग़म
किसी से डरना नहीं, डर-डर के जीना नहीं
हँस तू हर-दम, ख़ुशियाँ या ग़म
हँस तू हर-दम, ख़ुशियाँ या ग़म
हँस तू हर-दम, ख़ुशियाँ या ग़म
हँस तू हर-दम, ख़ुशियाँ या ग़म
Credits
Writer(s): Nagrath Rajesh Roshan, Khanna Amit Jawaharlal
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